प्रिंट रेट से अधिक दामों पर धड़ल्ले से बेची जा रही अंग्रेजी शराब, चैकिंग के नाम पर की जाती है खाना पूर्ति,
प्रिंट रेट से अधिक दामों पर धड़ल्ले से बेची जा रही अंग्रेजी शराब, चैकिंग के नाम पर की जाती है खाना पूर्ति,

मड़ावरा (ललितपुर)
तहसील मुख्यालय मड़ावरा में उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी,तहसीलदार,प्रभारी निरीक्षक मड़ावरा के दफ्तर मौजूद हैं और उक्त अधिकारी हर रोज यहां अपने दफ्तरों में सरकारी कार्यों को निपटाते हैं। इस सब के बावजूद अंग्रेजी शराब के सेल्समैन द्वारा ओवर रेट पर शराब की बिक्री कर न केवल स्थानीय लोगों बल्कि कस्बे में ग्रामीण क्षेत्रो से आने बाले ग्राहकों से अधिक पैसे वसूलते है,सेल्समैन द्वारा अधिक वसूली पूरे रौब के साथ की जाती है। इस सब के बावजूद प्रशासन और आबकारी विभाग आंखें मूंदे कर आबकारी अधियमो की खुलेआम धज्जियाँ उड़वा रहा है।
स्थानीय लोगों के अलावा कस्बे में ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग आकर मंदिरा का शौक फरमाते हैं और जब वह अपने इस शौक के चलते अंग्रेजी शराब की दुकानों में पहुंचते हैं तो वहां उन्हें प्रिंट रेट से 20 रुपये से लेकर 60 रुपये तक ओवर रेट में शराब की बिक्री की जाती है। ग्राहक जब सेल्स मैन से प्रिंट रेट पर शराब देने को कहते हैं तो सेल्स मैन ही नहीं बल्कि दुकान के आसपास पहले से मौजूद ठेकेदारों के गुर्गे ग्राहक से तू-तू मै मैं पर उतर आते हैं। कई बार तो दोनों पक्षों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ जाती है।
सराब के सौकीन बताते हैं कि आबकारी विभाग से लेकर प्रसानिक अधिकारियों तक से ओवर रेट पर शराब की बिक्री की शिकायत की जा चुकी है लेकिन आज तक जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने किसी दुकान में छापेमारी कर शराब विक्रेताओं के खिलाफ कोई भी कार्रवाई अमल में नही लाई गई है। नतीजा यह है कि यहां शराब के कारोबारियों और सेल्समैनों की मनमानी पूरी तरह से सरकारी महकमों पर भारी पड़ रही है।
रिपोर्ट - कमलेश कस्यप मड़ावरा #SamacharTak



