
ललितपुर
सिवनी-हसनवारा
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शहर से सटे सिवनी खुर्द, हसनवारा व सिलगन गाँव की ग्राम सभा में मिट्टी के अवैध खनन का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है। दिन और रात का अंधेरा होते सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा की चुनिंदा स्थानों से मिट्टी की खुदाई शुरू हो जाती है यह अवैध खनन किसकी मिलीभगत से चल रहा है, यह तो जांच का विषय है, लेकिन जिला प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। मिट्टी अवैध खनन का गोरखधंधा सदर कोतवाली क्षेत्र में सिवनी खुर्द, हसनवारा व सिलगन क्षेत्र में कई महीनों से जोरों पर चल रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई भी कदम नहीं उठाया गया। अवैध खनन के कारोबार का खेल दिन छिपते ही शुरू हो जाता है और सूर्य उदय होने के साथ बंद कर दिया जाता है। रात के अंधेरे में लाखों रुपये कीमत की मिट्टी का खनन होता है। इसका सबूत ललितपुर से टीकमगढ़ की और बिछाई जाने वाली रेल लाइन के बगल में बनी बड़ी-चौड़ी खदानें व दिन हो रात फर्राटे मारते ट्रक मिट्टी के डंपर और जेसीबी मशीन हैं। इस अवैध खनन कारोबार से सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है और भू संपदा भी नष्ट हो रही है। इस पूरे मामले में खनन विभाग भूमिका भी संदिग्ध है। दरअसल एक महीने से सिवनी खुर्द, हसनवारा व सिलगन के चुनिंदा स्थानों से मिट्टी का खनन दिन में व रात करीब 7 बजे से शुरू हो जाता है जो कभी-कभी सुबह छह बजे तक चलता। ऐसा भी नहीं है कि इसकी जानकारी खनन विभाग और कोतवाली पुलिस नही है। सबकुछ जानते हुए अनजान बने हुए है।
सिवनी खुर्द, हसनवारा व सिलगन गाँवों की ग्राम सभा की जमीन को बनाया निशाना
ललितपुर जिले में अवैध खनन का कारोबार खूब चल रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मंशा के विपरीत खनन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी मिलकर खनन माफियाओं को न केवल संरक्षण दे रहे हैं। बल्कि ग्राम सभा की प्राकृतिक संपदा का दोहन करवाकर सरकार को राजस्व का नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। कोतवाली क्षेत्र के सिलगन, हसनवारा व सिवनी खुर्द क्षेत्र की ग्रामसभा जमीन को निशाना बनाकर अवैध खनन करके वह मिट्टी रेलवे के ठेकेदार को बेंची जा रही है।
खनन विभाग आंखों में पट्टी बांध कर इस अवैध खनन को अपना दे रहे मूक समर्थन
इस पूरे मामले में खनन विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। दरअसल एक महीने से कोतवाली क्षेत्र के हसनवारा, सिलगन व सिवनी खुर्द में ग्राम सभा व अन्य चुनिंदा स्थानों से मिट्टी का खनन दिन हो या रात बहुत जोरतोर तरीके से दो-तीन जेसीबी व ट्रको से हो रहा है। ऐसा भी नहीं है कि इसकी जानकारी खनन विभाग और कोतवाली पुलिस को न हो लेकिन लालच में पुलिस और खनन विभाग आंखों में पट्टी बांध कर इस अवैध खनन को अपना मूक समर्थन दे रहे हैं।
खनन अधिकारी एक सप्ताह पूर्व गए थे मौके पर नही हुई कोई कार्यवाही
जिस स्थानों पर अवैध खनन जोरों से चल रहा है। जिसकी मिट्टी रेलवे विभाग के ठेकेदार को बेंची जा रही है। उस स्थान पर स्वयं खनन अधिकारी आशुतोष वर्मा गए थे। लेकिन औचक निरीक्षण करके वापस चले आये थे। उनसे पूंछा तो उन्होंने कहा कि विगत एक सप्ताह पहले गए थे लेकिन मौके पर खदान तो दिखी पर कोई मिला नहीं। बाबजूद भी कोई निगरानी नही कोई कार्यवाही नही।

इनका कहना है….
खनन का मामला संज्ञान में आया था। जिस जगह खनन हो रहा था उक्त मौके स्थान पर पहुँचे तो वहाँ कोई मौके पर नही मिला। द्वारा से जाएंगे तो देखेंगे।
अमितोष वर्मा(खनन अधिकारी)
रिपोर्ट–कमलेश कश्यप (ललितपुर)



