
ठूठीबारी
महराजगंज
भारत नेपाल बॉर्डर के सरहदी क्षेत्र ठूठीबारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को ताला लटकने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने गुरुवार को अस्पताल में तैनात डाक्टर और फार्मासिस्ट का एक माह की वेतन बाधित कर दी है। इतना ही नहीं वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के अधीक्षक डॉक्टर दयानंद सिंह को सख्त चेतावनी भी दी है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यवाही से स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने डीएम को भेजे गए पत्र में बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठूठीबारी पर बुधवार को ताला लटक रहा था। जिसकी जानकारी मिलने पर गुरुवार को अस्पताल पहुंचे जांच की गई तो पता चला कि हर रोज अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की जांच कर दवा दी गई है । वही मौके से मौजूद प्रभारी चिकित्साधिकारी निचलौल से पूछताछ में बताया कि अस्पताल पर ओपीडी 10 से शाम 4:00 बजे तक सेवाएं दी जाती है । इसके अतिरिक्त अस्पताल पर इमरजेंसी सेवा उपलब्ध नहीं है। क्योंकि कोई चिकित्साधिकारी और फार्मासिस्ट अपने मुख्यालय पर निवास नहीं करते हैं। वर्तमान समय में वैक्सीन की उपलब्धता 87 वायल मौजूद हैं ।आगे चिकित्साधिकारी ने कहा कि वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल चिकित्सालय में 30 सितंबर 2024 से अधीक्षक का चार्ज लिया है उससे पूर्व ही डॉक्टर मनीष खन्ना अनाधिकृत रूप से अपने राजकीय ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं । जबकि डॉक्टर संदीप कुमार चिकित्साधिकारी (संविदा) एनसीडी क्लीनिक को 3 अक्टूबर 2024 से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठूठीबारी में तैनात किया गया हालांकि डॉक्टर मनीष खन्ना का अवकाश प्रार्थना पत्र ईमेल पर प्राप्त हुआ है । वही डॉक्टर संदीप कुमार ने पूछताछ में बताया कि अधीक्षक डॉक्टर दयानंद सिंह ने मुझे 16 व 17 अक्टूबर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल निचलौल में चिकित्सकीय कार्य करने के लिए संबंध किया है । ऐसे में शिकायतकर्ता छेदीलाल गुप्ता ने बताया कि वह बुधवार को ठूठीबारी अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। जिस दौरान मुख्यालय पर किसी भी चिकित्साधिकारी व फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं थे। वह बगैर टीकाकरण के वापस लौट गए। इस मामले में तैनात डाक्टर और फार्मासिस्ट का अक्टूबर का वेतन बाधित कर अधीक्षक डॉक्टर दयानंद सिंह को सख्त चेतावनी दी गई।

रिपोर्ट–ब्यूरो चीफ धनंजय पटेल महा राजगंज



