
कटिहार (बिहार)
श्री श्याम मित्र मंडल, कटिहार द्वारा आयोजित संस्था के स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ स्थानीय राजेन्द्र स्टेडियम परिसर में भव्य रूप से संपन्न हो रहा है। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में प्रचंड शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और कथा स्थल प्रतिदिन खचाखच भरा नजर आया।
राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक आचार्य गौरवकृष्ण गोस्वामी के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे। अपने प्रवचन में आचार्य गोस्वामी ने कहा कि प्रार्थना ऐसा पत्र है जो बिना किसी माध्यम के सीधे परमात्मा तक पहुंचता है। संसार की हर वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए साधन की आवश्यकता होती है, लेकिन हृदय से की गई प्रार्थना किसी सहारे की मोहताज नहीं होती।
कथा के क्रम में कपिल देव संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि माता देवहूति ने जब अपने पति कर्दम ऋषि के वन गमन के बाद पुत्र कपिल से संसार बंधन से मुक्ति का मार्ग पूछा, तो भगवान कपिल ने तत्काल उपदेश देकर उन्हें भवसागर से मुक्त किया। इसी क्रम में सती चरित्र और ध्रुव भक्त की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे कथा पंडाल शिवमय और भक्तिमय हो गया।
आचार्य गोस्वामी ने कहा कि मात्र पांच वर्ष की अवस्था में ध्रुव को प्रभु दर्शन प्राप्त हुआ और उन्हें ध्रुव लोक का अधिपति बनाया गया। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि सत्संग, सेवा और सुमिरन के माध्यम से ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। कुसंगति से दूर रहना और आत्मचिंतन में रहना ही सच्चा साधन मार्ग है।
आगामी कथा सत्र में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव नन्दोत्सव के रूप में विशेष रूप से मनाया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं भी सेवा कार्य में जुटी हुई हैं। पूरा नगर इन दिनों भक्ति और आस्था के वातावरण में डूबा हुआ है।
🖋️ रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
प्रमंडल प्रभारी पूर्णिया
कटिहार बिहार
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