
कटिहार (बिहार)
कटिहार शहर के बड़ा बाजार स्थित माता शीतला मंदिर में बुधवार को शीतलाष्टमी का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता शीतला की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्धि और आरोग्य की कामना की।
श्रद्धालुओं ने माता को ठंडे भोजन का भोग अर्पित किया। मंदिर में मीठी पकोड़ी, फीकी पकोड़ी, मीठा भात, दही, राबड़ी और बाजरा से बने प्रसाद चढ़ाए गए। भक्तों ने शीतल जल अर्पित कर माता से रोगों से रक्षा की प्रार्थना की।
मान्यता के अनुसार श्रद्धालु सप्तमी के दिन ही घरों में प्रसाद स्वरूप भोजन तैयार कर लेते हैं। अष्टमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता। पूरे दिन ठंडा और बासी भोजन ही ग्रहण किया जाता है। इसी कारण इस पर्व को बासोड़ा भी कहा जाता है।
भक्त मंदिर में शीतल जल चढ़ाकर उसे शरीर और आंखों में लगाते हैं। कई श्रद्धालु इस जल का घरों में छिड़काव भी करते हैं। उनका विश्वास है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार माता शीतला को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। स्कंद पुराण में भी उनका उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि माता की आराधना से चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक रोगों से रक्षा होती है।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
प्रमंडल प्रभारी पूर्णिया
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