
नाराहट /ललितपुर (उत्तर प्रदेश)
ललितपुर के नाराहट क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। सोंरई गांव निवासी शिवम पाल 23 वर्ष का शव कुएं में मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट कर दौड़ाने का गंभीर आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार शिवम 20 मार्च 2026 को अपनी बहन की सगाई में शामिल होने नाराहट गया था। वहीं से उसे बहन की शादी में देने के लिए टीवीएस कंपनी की अपाचे बाइक खरीदनी थी।
पुलिस पर मारपीट और पीछा करने का आरोप
बताया गया कि देर शाम शिवम अपने रिश्तेदारों के साथ नाराहट कस्बे से बाहर सड़क किनारे बैठा था। इसी दौरान नाराहट थाना पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची, जिसमें थाना प्रभारी पारुल चंदेल और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने युवकों से गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इससे घबराकर सभी युवक जान बचाकर भागने लगे।
भागते समय कुएं में गिरा शिवम
आरोप है कि पुलिस के डर से भागते समय शिवम अंधेरे में रास्ता भटक गया और सीधे कुएं में गिर गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने न तो उसकी तलाश की और न ही कोई मदद की।
अगले दिन मिला शव, मचा कोहराम
शनिवार सुबह जब परिजनों को जानकारी हुई तो उन्होंने कुएं में देखा, जहां शिवम का शव पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
शादी की खुशियां बनीं मातम
परिवार ने बताया कि 30 अप्रैल को शिवम की शादी होनी थी। घर में जहां खुशियों की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम छा गया है।
गांव से उमड़ी भीड़, बढ़ा तनाव
घटना के बाद सोंरई गांव से सैकड़ों लोग नाराहट पहुंच गए। देखते ही देखते हजारों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने आसपास के थानों की फोर्स, एसओजी टीम और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
परिजनों की मांग, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
परिजनों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
महिला थाना प्रभारी पर पहले भी लगे थे गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार थाना प्रभारी पारुल चंदेल का नाम इससे पहले भी एक विवादित मामले में सामने आ चुका है। आरोप है कि एक महिला को थाने में बंद कर उसके साथ मारपीट की गई थी। बताया जाता है कि इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबित किया गया था। बाद में जांच के दौरान अंतिम रिपोर्ट लगाकर उन्हें मामले से अलग कर दिया गया।
जनता में आक्रोश
घटना के बाद लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्ती नहीं हुई तो कानून व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठ जाएगा।
रिपोर्ट – आर. के. पटेल
मड़ावरा / ललितपुर (उत्तर प्रदेश)
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