
ललितपुर (उत्तर प्रदेश)
विकासखण्ड जखोरा में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में घूस खोरी का मामला जब सामने आया तब एक छात्र से टीसी कटवाने के एवज में लगभग 600 रुपये मांगे गए और उसने दिए लेकिन यह सारा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया। जिसके नाम की टीसी कट रही थी उस छात्र का नाम यशपाल पुत्र नारायण सिंह है छात्र ने बताया कि जब हम टीसी कटकाने के लिये पहुंचे तो हमसे पैसों की मांग की गई इसके बाद हमने उन्हें पैसे दिए और तब जाकर टीसी हाथ मे थमाई। आपको बता दे कि सूबे के मुखिया का जीरो टॉलरेंस का जो रवैया है वह धरातल पर नजर नही आता बल्कि भ्रस्टाचार ओर बड़ा है, देखा जाए तो छोटे से छोटे मामलों में रिश्वत व घूस खोरी की खबर सामने आती है। यहाँ तक जहां से छात्रों व युवाओं को शिक्षा परोसी जाती है वहीं से भ्रस्टाचार की चीजें सामने आए तो अंदाजा लगाइए की भ्रस्टाचार एवं रिश्वत खोरी चरम पर है। इसकी शिकायत होने पर बेशिक शिक्षा अधिकारी ने जांच के लिए अन्य कॉलेज के प्रधानाध्यापक को सौंपी जिसमें उन्हें जाँच पड़ताल बंद कमरे में शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि यह जाँच कहीं पैसों के लेनदेन में सिमट के न रह जाये। छात्रों को उम्मीद है कि ऐसे भ्रस्ट शिक्षकों पर कठोर कानूनी कार्यवाही हो जिससे अन्य व अच्छे शिक्षकों पर भरोसा बना रहे। जाँच कर रहे अधिकारी को शिकायत कर्ता ने एक सीडी भी सौंपी है जिसमें पैसे लेने का वीडियो है।
क्या कहता है शिक्षा का अधिकार अधिनियम –
स्कूल के प्रधानाचार्य से व्यक्तिगत रूप से मिलें और टीसी देने का अनुरोध करें, स्कूल को लिखित में देने के लिए कहें कि वे टीसी प्रमाणपत्र क्यों नहीं दे रहे हैं . शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा-5 के प्रावधानों पर ध्यान आकर्षित करें। जिसमें प्रधान शिक्षक या प्रभारी शिक्षक को तत्काल टीसी प्रमाण पत्र देना आवश्यक है।



