मड़ावरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत देनपुरा में हुए घोटाला व फर्जीवाड़े की होगी जाँच, तीन सदस्यीय जाँच कमेटी का हुआ गठन, एक सप्ताह में जाँच रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश,
मड़ावरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत देनपुरा में हुए घोटाला व फर्जीवाड़े की होगी जाँच, तीन सदस्यीय जाँच कमेटी का हुआ गठन, एक सप्ताह में जाँच रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश

ललितपुर (उत्तर प्रदेश)
ललितपुर जिले के विकास खण्ड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत देनपुरा के पंचायत सदस्यों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें अवगत कराया था कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद एक भी मीटिंग में सदस्यों को नही बुलाया गया। ग्राम पंचायत की कोई भी समिति का आज तक गठन नही किया गया। और न ही सदस्यों के हस्ताक्षर करवाये गए। आरोप लगाया कि किसी भी कार्यवाही रजिस्टर मीटिंग रजिस्टर समितियां का गठन कर सदस्यों के हस्ताक्षर पाए जाते है। वह हस्ताक्षर ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत सचिव पंचायत मित्र रोजगार सेवक एवं प्रधान के द्वारा किये गए फर्जी हस्ताक्षर है। जिसके विरुद्ध जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की थी। आगे आरोप लगाया कि ग्राम प्राधान व पंचायत सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में जमकर मनरेगा से लेकर विभिन्न कार्यों में धांधली व फर्जीवाड़ा किया गया है। पंचायत राज अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान द्वारा अपने सगे संम्बंधी को किसी भी प्रकार का लाभ नही दिया जा सकता है। बाबजूद ग्राम विकास अधिकारी व रोजगार सेवक द्वारा एवं ग्राम प्रधान की मिलीभगत से अनुचित लाभ देकर मनरेगा कामों में ग्राम प्रधान की पत्नी कमला देवी के मनरेगा के तहत खाते में 9798 रुपये का भुगतान करा दिया गया है। इसी के साथ ग्राम प्रधान के पुत्र के खाते में भी 13845 रुपये राशि का भुगतान किया गया है। सरकारी धन का अनुचित लाभ दिया गया। साथ सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया गया है। जिसकी जाँच किसी सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में बृजलाल, जगदीश, बकील, राजकुमार, विनोद, शोभारानी, शीला मानकुंवर, लाड़कुंवर एवं धर्मदास के हस्ताक्षर रहे।
जिस पर संज्ञान लेते हुये जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच करने के लिए निर्देशित किया था।
तीन सदस्यीय जाँच कमेटी गठित-
विकास खण्ड मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत देनपुरा के सदस्यों ने ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में धांधली, सरकारी धन का दुरुपयोग एवं प्रधान के सगे संबंधियों को लाभ पहुंचाना उक्त पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच कराने के लिए निर्देशित किया था। तदुपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने तीन सदस्यीय जाँच कमेटी गठित कर उपरोक्त शिकायत की जाँच कर बिंदुबार जाँच आख्या एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को निर्देष दिया है।
- रिपोर्ट- आर के पटेल
- ललितपुर
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