
कटिहार (बिहार)
भीषण सर्द मौसम ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है। कड़ाके की ठंड और सिहरन पैदा करने वाली हवाओं के बीच आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लेकिन सबसे अधिक मार गरीब और बेसहारा तबके पर पड़ रही है। उनके लिए यह सर्दी सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के जीवन की कठिन परीक्षा बन चुकी है।
शहर के चौक-चौराहों, सड़क किनारे और झुग्गी-बस्तियों में अलाव ही गरीबों के लिए सबसे बड़ा सहारा बने हुए हैं। दिन हो या रात, ठंड से बचने के लिए लोग जलते अलाव के चारों ओर सिमटकर बैठे नजर आते हैं। गर्म कपड़ों और साधनों के अभाव में अलाव की आग ही उनकी ठिठुरती जिंदगी को थोड़ी राहत दे पा रही है।
जहां सक्षम वर्ग हीटर, ब्लोअर और अन्य आधुनिक साधनों से सर्दी का सामना कर रहा है, वहीं गरीबों के हिस्से में सिर्फ अलाव की गर्माहट ही आ पाई है। भीषण सर्दी के इस दौर में समाज और प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि जरूरतमंदों के लिए अलाव, कंबल और अन्य राहत व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि ठंड किसी की जान पर भारी न पड़े।
🖋️ रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
कटिहार
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