बहादुर बेटी मंजेश के परिजनों से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधित्व मंडल,
परिजनों से मिल सांत्वना दी व बंधाया ढांढस, दी आर्थिक सहायता पूर्व मंत्री ने परिजनों से कहा कि बेटी की मूर्ति लगवाकर करेंगे अनावरण

ललितपुर
वीरता व बहादुरी की मिशाल जनपद के गांव देलवारा में जन्मी मंजेश के चर्चे जनपद ही नहीं अपितु पूरे बुंदेलखंड सहित यूपी में हो रही है। मंजेश ने कुछ दिन पूर्व अपनी जान की फिक्र न करते हुए नौनिहाल तीन बच्चों शिवम पुत्र ब्रजेश उम्र 12 वर्ष,अरविंद पुत्र शीलचंद्र उम्र 12 वर्ष, चंद्रपाल पुत्र राजकुमार उम्र 15 वर्ष यह तीनों गाँव के पास भूमाफियाओं द्वारा अवैध खनन करके खोदी गयी खदान में बरसात से पानी भर गया उसमें नहाने के लिये चल पड़े। जब इन तीनों की डूबने के दौरान चिल्लाने की आवाज आई तो वहीं से मंजेश निकल रही थी उसने यह आवाज सुनी तो खदान के पास दौड़ी चली आयी और उसने देखा कि यह बच्चे पानी मे डूब रहे तो उसने आव देखा न ताव आनन-फानन में सीघ्र ही तालाब में कूद पड़ी और डूब रहे। तीनों बच्चों को बचाने में कामयाब रही। लेकिन दुःख की बात है कि वह इनको बचाने के चक्कर खुद अपनी जान नही बचा सकी। जब तक सूचना मिलने पर परिजन जिला अस्पताल लाये तब तक उसकी जान निकल चुकी थी। खबर सुनते ही परिवार सहित गाँव मे मातम छा गया। जिसने भी यह खबर सुनी उसे दुःख भी हुआ और मंजेश पर गौरवान्वित महसूस भी किया। मंजेश के परिजनों को इस दुःख में सांत्वना व ढांढस बंधाने के लिये उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल खाबरी पूर्व सांसद और भारत सरकार के पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गांव देलवारा शहीद मंजेश के घर उसके परिजनों से मिलने के लिये कल शुक्रवार की शाम पहुंचा। प्रतिनिधित्व मंडल शहीद बेटी के परिजनों से मिलकर संपूर्ण घटना का हाल जाना मंजेश के पिता गनेश प्रसाद अहिरवार ने कहा कि हमारी बेटी ने 3 बच्चों को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, मुझे ऐसी होनहार बेटी के जाने की बहुत पीड़ा है, पर साहसी बेटी ने 3 बच्चों का जीवन बचाया इसलिए हमें बेटी पर गर्व है। ऐसी होनहार और साहसी बेटियां हर घर में पैदा हों। बेटी पढ़ने लिखने में बहुत होशियार थी तीन बेटियों में सबसे छोटी थी । गनेश प्रसाद का एक बेटा भी है। बेटी मंजेश का सपना हमेशा यही रहता था कि हम जब आगे पढ़ेंगे तो हम तमाम प्रकार की प्रतियोगिता में भाग लेकर पुरस्कार जीतेंगे। आज बेटी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। साथ में जिन बच्चों की मंजेश ने जान बचाई है उन बच्चों से भी मिले तो उन बच्चों का एक ही जवाब था की मंजेश दीदी ने हम सभी को बचाने में तनिक भी हिचक नहीं खाई और पानी में कूद पड़ी, हम सभी को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और वह खुद ना बच पाईं, बच्चों ने कहा कि अगर मंजेश ना होती तो हम लोगों की जान चली जाती।
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कांग्रेस प्रतिनिधित्व मंडल ने मंजेश के परिजनों को सौंपी आर्थिक सहायता
कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल खाबरी और पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने मंजेश के पिता गनेश अहिरवार एवं मंजेश द्वारा डूबने से बचाये गए तीनों बच्चों से पूरे घटनाक्रम को सुना तो दोनों नेताओं की आँखे गमनीम हो गयी थी। इस बहादुरी के लिये कांग्रेस प्रतिनिधित्व मंडल ने नगद रुपये व चेक देकर आर्थिक सहायता के साथ उनके परिजनों से बोले कि मंजेश की बहादुरी को राष्ट्रीय स्तर तक बात पहुंचाएंगे और पूरा प्रयास करेंगे कि बहादुर बेटी को मरने के उपरांत वीरता सम्मान पुरुस्कृत के साथ-साथ 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
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पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य शहीद बेटी मंजेश की मूर्ति का करेंगे अनावरण
जिस जगह यह घटना घटी वहां देख व सुनकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि उस जगह कचरा का ढेर है, यह निश्चित रूप से जिला प्रशासन और नगर पालिका की कमी व लापरवाही से यह दर्दनाक घटना घटी है, यदि वहां पर कचरे के लिए समुचित व्यवस्था होती तो यह घटना नहीं घटती, इसलिए उच्च अधिकारियों से बात कर कचरा के ढेर की व्यवस्था की जाने की बात की। आगे कहा कि राज्य सरकार से माँग करेंगे कि शहीद बेटी मंजेश को वीरता पुरस्कार से सम्मान किया जाए। साथ ही कहा कि शासन से मांग करेंगे की गांव में स्कूल, अस्पताल या किसी खेल का मैदान अथवा शहीद मंजेश के नाम से पार्क का नामकरण होना चाहिए। उन्होंने मंजेश की मूर्ति का अनावरण व पार्क बनवाने की बात कही
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पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य शहीद बेटी मंजेश की मूर्ति का करेंगे अनावरण
जिस जगह यह घटना घटी वहां देख व सुनकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि उस जगह कचरा का ढेर है, यह निश्चित रूप से जिला प्रशासन और नगर पालिका की कमी व लापरवाही से यह दर्दनाक घटना घटी है, यदि वहां पर कचरे के लिए समुचित व्यवस्था होती तो यह घटना नहीं घटती, इसलिए उच्च अधिकारियों से बात कर कचरा के ढेर की व्यवस्था की जाने की बात की। आगे कहा कि राज्य सरकार से माँग करेंगे कि शहीद बेटी मंजेश को वीरता पुरस्कार से सम्मान किया जाए। साथ ही कहा कि शासन से मांग करेंगे की गांव में स्कूल, अस्पताल या किसी खेल का मैदान अथवा शहीद मंजेश के नाम से पार्क का नामकरण होना चाहिए। उन्होंने मंजेश की मूर्ति का अनावरण व पार्क बनवाने की बात कही
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किसी प्रतिनिधि व भाजपाई नेता सहित प्रशासन अधिकारी के न पहुँचने पर बृजलाल खाबरी ने लिया आड़े हाथों
परिजनों से मिलने पहुँचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष खाबरी ने सत्ताधारी नेताओं व प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि अगर यही किसी ऊंचे परिवार वाले कि बेटी ने किया होता तो अभी तक गोदी मीडिया दिन भर इसी खबर को चलाता और भाजपाइयों का परिजनों से मिलने का तांता लगा रहता था। किश्मत यह रही कि यह दलित व गरीब की बेटी रही। इसलिये न तो प्रशासन और न ही कोई भाजपाई प्रतिनिधि मदद तो छोड़िए परिजनों को सांत्वना देने नही पहुंचा मुझे दुःख है कि देश व राज्य में ऐसे लोग शाशन कर रहे जो नारी के लिये बड़ी-बड़ी बातें ढींगे तो मारते है पर धरातल पर ऐसी बहादुरी बेटियों के परिजनों से मिलना मुनासिब नहीं समझते।
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कांग्रेस प्रतिनिधित्व मंडल में यह रहे मौजूद
मंजेश के परिजनों से मिलने के लिये कांग्रेस के प्रतिनिधित्व मंडल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल खाबरी, भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री, जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, महिला जिलाध्यक्ष नेहा तिवारी, पीसीसी आशाराम तिवारी, एड.बहादुर अहिरवार, एड.राकेश रजक, नाती राजा, बंटी किलेदार, रामनरेश दुबे, पवन विश्वकर्मा, नीलेश प्यासा, मनीष श्रीमाली, कुलदीप पाठक, महेंद्र पनारी, नागेश रजक, सूर्या बुंदेला, जाहर सिंह पटेल, डॉ रामसिंह यादव, मुकेश रजक, गोपी सहरिया, जयराम अहिरवार खलक सिंह राजपूत, आनंद कुमार अहिरवार, पंकज सेन, नेक सिंह राजपूत सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- आर के पटेल
ललितपुर (उत्तर प्रदेश)
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