
कटिहार (बिहार)
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने जी RAM G आजिविका गारंटी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। शुक्रवार को उप विकास आयुक्त कटिहार की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि आजिविका गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों का अकुशल शारीरिक श्रम आधारित मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराने की वैधानिक गारंटी दी गई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ साथ टिकाऊ और सुदृढ़ अवसंरचना का विकास करना है।
अधिनियम के तहत जल सुरक्षा एवं जल संबंधी कार्य, मूलभूत और आजिविका अवसंरचना तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु क्लाइमेट रेजिलिएंस से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों को विकास मानकों के आधार पर ए, बी और सी श्रेणियों में वर्गीकृत कर आवश्यकतानुसार योजनाओं का चयन किया जाएगा।
योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेस टेक्नोलॉजी आधारित योजना निर्माण, डिजिटल मॉनिटरिंग, सार्वजनिक प्रकटीकरण और सशक्त सोशल ऑडिट की व्यवस्था की गई है। यह केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य का अंश 60 और 40 निर्धारित किया गया है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90 और 10 रहेगा।
जिले में योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए सभी 231 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया है। इसके अलावा समाचार पत्रों में प्रकाशन, होर्डिंग, दीवार लेखन, पोस्टर तथा गणतंत्र दिवस के अवसर पर थीम आधारित झांकी के माध्यम से भी योजना की जानकारी जन जन तक पहुंचाई गई है।
इस अवसर पर त्रि स्तरीय जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए योजनाओं की प्रविष्टि कुशलता पोर्टल पर समय से सुनिश्चित कराएं, ताकि पंचायतों को निर्धारित संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
प्रमंडल प्रभारी
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