
कटिहार (बिहार)
कटिहार सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बदनाम करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। आशा कार्यकर्ता बनकर दलाली करने वाली दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र में की गई है। मेडिकल जांच के बाद दोनों महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को गुमराह कर निजी नर्सिंग होम भेजने का आरोप सामने आया है।
दलाली के नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई
नगर थाना अध्यक्ष कुदन कुमार सिंह ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम द्वारा इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में दो महिला दलालों, छह नामजद आशा कार्यकर्ताओं और एक अज्ञात महिला सहित कुल 10 महिलाओं को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाएं खुद को आशा कार्यकर्ता बताकर अस्पताल परिसर में सक्रिय थीं। वे प्रसव और इलाज के लिए आई महिलाओं और उनके परिजनों को बहला फुसलाकर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भेजती थीं।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि आरोपी महिलाएं सदर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की गलत जानकारी देती थीं। मरीजों को यह बताया जाता था कि अस्पताल में जरूरी इलाज संभव नहीं है। इसके बाद उन्हें बाहर ले जाने की सलाह दी जाती थी।
कुछ मामलों में जांच और प्रसव दोनों के लिए निजी संस्थानों में भेजा गया। इससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई पीड़ितों ने स्वास्थ्य विभाग से इसकी शिकायत भी की थी।
स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम ने संबंधित आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। सभी नामजद महिलाओं के कार्य और गतिविधियों की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सेवा से बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई भी हो सकती है।
सिविल सर्जन का सख्त बयान
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों की छवि खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं और मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का धोखा गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्रवाई करेगा।
अस्पताल प्रशासन पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद सदर अस्पताल की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में दलाल लंबे समय तक अस्पताल परिसर में कैसे सक्रिय रहीं।
प्रशासन अब अस्पताल परिसर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की तैयारी कर रहा है। सीसीटीवी निगरानी और बाहरी लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि और नाम सामने आते हैं तो आगे भी गिरफ्तारी की जाएगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की दलाली या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को दें।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
प्रमंडल प्रभारी पूर्णिया
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