
कटिहार (बिहार)
कटिहार सदर अस्पताल में दवा वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान दवा वितरण, स्टॉक और रिकॉर्ड संधारण में भारी गड़बड़ी सामने आई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने दवा वितरण कक्ष, स्टोर रूम और संबंधित रजिस्टरों की बारीकी से जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कागजों में जितनी दवाएं खर्च दिखाई गई हैं, उनके वास्तविक वितरण का ठोस विवरण उपलब्ध नहीं है।
रिकॉर्ड और स्टॉक में भारी असंगति
जांच टीम को दवा वितरण रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर में गंभीर असंगतियां मिलीं। कई दवाओं के निर्गमन का उल्लेख तो दर्ज है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे दवाएं किन मरीजों को दी गईं। इससे दवाओं के वास्तविक वितरण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसके अलावा उपलब्ध दवाओं की सूची में भी उल्लेखनीय कमी पाई गई। जबकि रिकॉर्ड के अनुसार स्टॉक पर्याप्त होना चाहिए था। इससे दवा भंडारण और आपूर्ति प्रणाली पर संदेह और गहरा गया है।
भंडारण व्यवस्था पर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि दवा भंडारण कक्ष में आवश्यक मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं बच्चों को दी जाने वाली दवाओं के वितरण को सभी आयु वर्गों में समान रूप से दिखाया गया, जिसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
इस स्थिति से मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
सख्त कार्रवाई के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और मरीजों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई के साथ साथ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
प्रमंडल प्रभारी
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