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बजाज पावर जनरेशन कम्पनी लिमिटेड में कार्यरत मजदूर आमरण अनशन को विवश

शासकीय मानकों के विपरीत आधी मजदूरी दे रहे पावर प्लाण्ट के अधिकारी

 

  • मजदूरों से छीनी निजी स्वतंत्रता, गुणवत्तापूर्ण उपकरण न देने का भी आरोप

 

  • डीएम से मिलकर लामबंद हुये मजदूरों ने सुनाया अव्यवस्थाओं का अम्बार
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ललितपुर

 वर्तमान में अकुशल, अद्र्धकुशल और कुशल श्रमिकों को जो मजदूरी दी जाती है, उसके ठीक विपरीत उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े पॉवर प्लाण्ट में मजदूरों को आधी मजदूरी देकर बंधकों की तरह काम कराया जा रहा है। करीब सात वर्षों के अधिक समय से प्लाण्ट में काम कर रहे मजदूरों ने जब प्लाण्ट प्रशासन से मंहगाई दर और शासकीय मानक के अनुरूप मजदूरी दिये जाने की मांग उठायी तो मजदूरों की आवाज को कुचलने का कुचक्र रचते हुये सभी मजदूरों को प्लाण्ट से बाहर का रास्ता दिखाने का कुत्सित प्रत्यास किया गया। शासकीय मानकों के अनुरूप मजदूरी दिये जाने की मांग को लेकर मजदूरों ने लामबंद होकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। तदोपरान्त मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से मुलाकात कर मजदूरों ने अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखा। डीएम ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लेकर श्रम प्रवर्तन अधिकारी को तत्काल दूरभाष पर अगले दिवस ही प्लाण्ट स्थल पर पहुंच कर मजदूरी की जांच किये जाने के निर्देश दिये हैं।

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पावर प्लाण्ट में मजदूरी करने वाले मजदूरों ने बताया कि वह विगत कई वर्षों से बजाज पावर जनरेशन कम्पनी के बुरौगांव चिगलौआ में स्थापित सुपर क्रिटिकल पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। बताया कि यहां मजदूरों का वर्षों से शोषण किया जा रहा है। जहां एक ओर अकुशल, अद्र्धकुशल व कुशल मजदूरों को शासकीय मानकों के अनुरूप चार सौ रुपये प्रतिदिन के अधिक प्रतिदिन वेतन दिया जाता है। लेकिन पावर प्लाण्ट के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा वर्षों से मजदूरों को शासकीय मानकों के ठीक विपरीत आधे रुपयों की वेतन थमाते हुये कार्य लिया जा रहा है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पावर प्लाण्ट के आलाधिकारियों से लामबंद होकर वर्तमान मंहगाई के मुताबिक और शासकीय मानकों के अनुरूप मजदूरी के रूप में 350 रुपये प्रतिदिन तथा 25 प्रतिशत पी.एफ. दिये जाने के अलावा जूतों की गुणवत्ता को सुधार किये जाने एवं सप्ताह में एक दिन अवकाश दिये जाने के अलावा पारिश्रमिक समय से दिलाये जाने के अलावा बोनस की धनराशि एक समान किये जाने की मांग उठायी तो पावर प्लाण्ट के अधिकारियों पर मजदूरों ने धमकाते हुये कम्पनी से बाहर निकाल देने की बात कही जाती है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि पावर प्लाण्ट में मजदूरों को उनके स्वतंत्रता के अधिकार से भी वंचित कर शोषण किया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि इस सम्बन्ध में पूर्व में कम्पनी के एच.आर. को प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिस पर कोई भी कार्यवाही आज तक नहीं की गयी। अब मजदूरों ने आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी देते हुये जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग उठायी है। प्रदर्शन के दौरान गुमानलाल, उत्तम सिंह, शिवप्रसाद, राजाराम, अरविन्द, रवि, दीपक, मनोज, पप्पू, कैलाश, अशोक, रघुवीर, तेजपाल, रोहित, महताब, जगदीश, गुमान, रमाकान्त, मुलायम के अलावा अनेकों मजदूर मौजूद रहे।

फोटो –डीएम को समस्याओं को सुनाते पावर प्लाण्ट के मजदूर।

इनका कहना है

बजाज पावर जनरेशन कम्पनी लिमिटेड में मजदूरों को शासकीय मानक में तय न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन द्वारा प्रकरण की जांच करने के लिए भी निर्देशि किया गया है। शुक्रवार को श्रम विभाग की टीम बुरौगांव चिगलौआ में स्थित बजाज पावर जनरेशन कम्पनी लिमिटेड के प्लाण्ट में जाकर जांच-पड़ताल करेगी और जो भी तथ्य निकलकर सामने आयेंगे, उनसे जिला प्रशासन को अवगत कराया जायेगा।

डी.पी. अग्रहरि, श्रम प्रवर्तन अधिकारी

 

रिपोर्ट –रामकुमार पटेल।

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