
नई दिल्ली
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए UCG कानून को देश में सामाजिक समानता और कानूनी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों को एक समान अधिकार देना है ताकि कानून के सामने सभी बराबर हों।
UCG (यूजीसी) कानून के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में एक समान नियम लागू होंगे। इससे अलग अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण पैदा होने वाली असमानता और भ्रम की स्थिति समाप्त होगी। नागरिकों को अब सरल और स्पष्ट कानूनी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार UCG कानून से महिलाओं के अधिकारों को विशेष मजबूती मिलेगी। कई व्यक्तिगत कानूनों में मौजूद भेदभावपूर्ण प्रावधान समाप्त होंगे, जिससे न्याय की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। कमजोर वर्गों को भी समान सुरक्षा और अधिकार मिलेंगे।
सरकार का मानना है कि UCG कानून से सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलेगा। एक समान नागरिक कानून से देश में कानून व्यवस्था मजबूत होगी और न्यायालयों में मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज होगी।
कुल मिलाकर UCG कानून को संविधान की भावना के अनुरूप समान नागरिक अधिकारों की ओर बढ़ता हुआ मजबूत कदम माना जा रहा है, जिससे देश को एक सशक्त और न्यायपूर्ण व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
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