INDIA : आम बजट में सरकार का बड़ा दांव
खेती, मध्यम वर्ग, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर पेश हुआ बजट

नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने आज संसद में आम बजट प्रस्तुत किया, जिसमें किसान, मध्यम वर्ग, युवा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण भारत को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि यह बजट विकास, सामाजिक संतुलन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत आधार तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया है। सिंचाई, फसल भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, मूल्य संवर्धन और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की योजना प्रस्तुत की गई है। सरकार का दावा है कि इससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकेगा।
ग्रामीण विकास के अंतर्गत सड़कों, आवास, पेयजल और स्वच्छता योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं से गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
मध्यम वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से आयकर ढांचे में आंशिक सुधार किए गए हैं। नौकरीपेशा वर्ग और छोटे व्यापारियों को कर बोझ में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट बढ़ाकर सुविधाओं में सुधार का दावा किया गया है।
युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप योजनाओं को और मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं और बालिकाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने महिला सशक्तिकरण को आर्थिक मजबूती से जोड़ने का दावा किया है।
इस बजट में कृषि और सिंचाई योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। ग्रामीण सड़कों, आवास और पेयजल परियोजनाओं पर अतिरिक्त खर्च का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं को विस्तार दिया गया है। मध्यम वर्ग को आयकर में आंशिक राहत देने की घोषणा की गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में वृद्धि की गई है। महिला सशक्तिकरण और बालिका योजनाओं पर विशेष फोकस रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के जरिए रोजगार सृजन को गति देने का लक्ष्य तय किया गया है।
बजट पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। जहां सरकार इसे जनहितकारी और विकासोन्मुखी बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे जमीनी जरूरतों से दूर बताया है। आने वाले समय में बजट प्रावधानों का वास्तविक असर जमीन पर कितना दिखता है, इस पर देशभर की निगाहें टिकी रहेंगी।
रिपोर्ट – समाचार तक, बेबाक खबर, बड़ा असर
नई दिल्ली
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