
कटिहार (बिहार)
कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड स्थित नारियलवाड़ी में प्रकृति पर्व सरहुल उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया। कंसर बेसिक स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।
पारंपरिक रीति से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। पाहन ने प्रकृति की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया।
ढोल-नगाड़ों पर झूमे युवक-युवतियां
आदिवासी समाज के युवक-युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन कटिहार कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने फीता काटकर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा की है। आज पर्यावरण संरक्षण के लिए इस सोच को अपनाना जरूरी है।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मोहम्मद बशीर, दिलीप विश्वास और अवधेश मंडल सहित कई सामाजिक और राजनीतिक लोग उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना की।
भाईचारे का संदेश
इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में सांस्कृतिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
प्रमंडल प्रभारी पूर्णिया (बिहार)
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