
कटिहार (बिहार)
श्री श्याम मित्र मंडल कटिहार द्वारा संस्था के स्वर्ण जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ ने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। यह पावन आयोजन केवल आध्यात्मिक आनंद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कटिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान करता दिखाई दिया।
कटिहार की पावन धरा पर परम पूज्य श्रद्धेय आचार्य श्री गौरवकृष्ण गोस्वामी जी के पवित्र मुखारविंद से सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय प्रवचन हुआ। सात दिनों तक कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण हरि नाम संकीर्तन, भक्ति और श्रद्धा से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आयोजन को अपने जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया।
श्री श्याम मित्र मंडल के जजमानों द्वारा विधि विधान और नियमों के साथ पूजा अर्चना की गई। यह आयोजन कर्मकांड से आगे बढ़कर आस्था, विश्वास और भगवद कृपा से जुड़ने का सशक्त माध्यम बना। संस्था की ओर से कथा में पधारे सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया और आचार्य श्री के चरणों में कृतज्ञता अर्पित करते हुए उनके उपदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रातः काल विधिवत हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न हुई। इसके उपरांत वृंदावन से आए विद्वान पंडितों द्वारा भागवत पूजन और विसर्जन कराया गया। आरती के बाद प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया गया। दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस भव्य आयोजन में कई स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सराहनीय सहयोग रहा। संस्था के पंकज तम्बाकूवाला ने बताया कि विदाई के समय आचार्य श्री गौरवकृष्ण गोस्वामी जी ने कहा कि श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ उनके हृदय में सदा स्मरणीय रहेगा। कटिहार के श्रद्धालुओं की भक्ति, प्रेम और अनुशासन ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
समाचार तक – बेबाक खबर बड़ा असर



