
कटिहार
कटिहार जिले में शिक्षा अधिकार योजना के तहत फर्जी नामांकन का बड़ा मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ निजी स्कूलों ने सरकारी राशि प्राप्त करने के लिए रिकॉर्ड में फर्जी छात्रों का नामांकन दर्ज किया।
जांच के बाद प्रशासन ने चार निजी स्कूलों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जब स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया, तो कई छात्रों का वास्तविक अस्तित्व नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार शिक्षा अधिकार योजना के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में सीटें आरक्षित रहती हैं। इसके बदले सरकार स्कूलों को प्रति छात्र निर्धारित राशि देती है। आरोप है कि इसी योजना का गलत फायदा उठाकर कुछ स्कूलों ने फर्जी एंट्री कर सरकारी राशि लेने का प्रयास किया।
जांच टीम को रिकॉर्ड और दस्तावेजों में भी कई तरह की गड़बड़ियां मिलीं। कई छात्र स्कूल में मौजूद नहीं पाए गए, जबकि पोर्टल पर उनका नामांकन दर्ज था। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित वित्तीय अनियमितता का प्रतीत हो रहा है।
प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटे हैं और अन्य स्कूलों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
इस कार्रवाई के बाद अभिभावकों ने प्रशासन के कदम का स्वागत किया है। वहीं शिक्षा अधिकार योजना में फर्जी नामांकन का मामला सामने आने से जरूरतमंद बच्चों के अधिकारों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
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