
कटिहार
कटिहार में परिवारवाद और विरासत की राजनीति को लेकर आदिवासी कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. बिपिन कुमार सिंह ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव आम कार्यकर्ताओं के अधिकारों को कमजोर कर रहा है।
डॉ. बिपिन कुमार सिंह ने कहा कि कई राजनीतिक दल मंचों से परिवारवाद के खिलाफ बयान देते हैं, लेकिन व्यवहार में वही लोग अपने करीबी और राजनीतिक वारिसों को आगे बढ़ाते नजर आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योग्यता और संघर्ष को नजरअंदाज कर केवल प्रभावशाली परिवारों को महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरासत की राजनीति लंबे समय तक स्वस्थ व्यवस्था के लिए ठीक नहीं मानी जा सकती। डॉ. बिपिन कुमार सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर खड़ी पार्टियों में अब आम लोगों की भागीदारी कम होती जा रही है।
कटिहार में आयोजित बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जनता अब राजनीतिक दलों के दोहरे रवैये को समझने लगी है। उन्होंने कहा कि परिवारवाद की राजनीति से युवाओं और मेहनती कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ती है।
डॉ. बिपिन कुमार सिंह ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक दलों को पारदर्शिता और समान अवसर की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में जनता मुद्दों और काम के आधार पर निर्णय करेगी।
राजनीतिक बयान के बाद जिले में परिवारवाद और विरासत की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बयान को लेकर बहस का माहौल बना हुआ है।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
समाचार तक – बेबाक खबर, बड़ा असर



