
नालंदा
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की आशंकाओं ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जांच एजेंसियों से जुड़ी सूचनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों के बीच भविष्य को लेकर असमंजस और नाराजगी का माहौल देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा के बाद कई राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों और कथित पेपर लीक नेटवर्क को लेकर जांच तेज की गई। इसी दौरान बिहार के नालंदा क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान कुछ संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल चैट और लेनदेन से जुड़े सुराग मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच में राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों तक फैले एक कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप के माध्यम से परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों से जुड़ी सूचनाएं साझा की गईं। हालांकि संबंधित एजेंसियों की ओर से आधिकारिक स्तर पर सभी दावों की विस्तृत पुष्टि अभी जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी है। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिए जाने और पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लगातार परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों से छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है। पटना, दिल्ली और अन्य शहरों में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। छात्रों का कहना है कि मेहनत और भविष्य से जुड़े इस प्रकार के मामलों में पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी, मजबूत सुरक्षा प्रणाली और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। वहीं छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
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