श्रीराम यज्ञ आयोजन में कलस यात्रा के दिन श्रद्धलुओं का लगा रहा तांता सिर पर कलश रखकर निकाली शोभा यात्रा,
श्रीराम यज्ञ आयोजन में कलस यात्रा के दिन श्रद्धलुओं का लगा रहा तांता सिर पर कलश रखकर निकाली शोभा यात्रा,

सौंरई/मड़ावरा (ललितपुर)
मड़ावरा क्षेत्र में सात दिवसीय श्रीराम महायज्ञ व श्रीमद रामचरित मानस कथा से क्षेत्र का वातावरण धर्म मय हो गया है। कार्यक्रम के पहले दिन भक्तों द्वारा आस -पास के क्षेत्र में सिर पर कलश रखकर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। वहीं विधि- विधान से श्रीराम यज्ञ प्रारंभ हुआ। साथ ही कथा वाचिक संध्या के समय श्री राम कथा का वर्णन किया गया जा रहा है।
मड़ावरा तहसील क्षेत्र के लहर धाम तिराहा स्थित सिद्ध क्षेत्र हरया सिंह बाबा मंदिर पर 8 जून से प्रारंभ हुए श्रीराम यज्ञ व श्रीमद रामचरित मानस कथा से इस समय पूरे क्षेत्र में धर्म की बयार बह रही है। कार्यक्रम के पहले दिन श्रद्धालुओं ने कस्बे के रोहणी बांध पहुंचकर कलश भरे। इसके पश्चात एक समान वस्त्र धारण करें महिलाओं ने कलश अपने- अपने सिर रखकर गीत गुनगुनाते हुए शोभा यात्रा निकाली। जो ढोल नगाड़ों के साथ बम्होरी कलां व लहर धाम होते हुए कार्यक्रम स्थल हरया सिंह बाबा मंदिर प्रांगण पहुंची। जहां विद्वानों ने विधि – विधान से कलश यज्ञ शाला में कलश स्थापित कराए। यज्ञाचार्य जयदेव शास्त्री, उपाचार्य सुरेन्द्र लिटोरिया, ब्रम्हा संदीप तिवारी, अजय मिश्र द्वारा श्रीराम यज्ञ में बैठने वाले यजमानों की शुद्धिकरण कराने के बाद रोजाना सुबह से श्रीराम यज्ञ विधि विधान व मंत्र उच्चारण के साथ कराया जा रहा है।
श्रीराम के चरित्र को जीवन में उतारने से होगा उद्धार: रमा आस्था
• श्रीराम कथा सुनकर झूमे श्रोता
सौंरई/मड़ावरा (ललितपुर): सिद्ध क्षेत्र हरयार सिंह बाबा मंदिर प्रांगण में चल रहे सात दिवसीय श्रीराम यज्ञ व श्रीमद रामचरित मानस कथा से धर्म की बयार बह रही है। अयोध्या धाम से पधारी कथा वाचिक रमा आस्था द्वारा श्रीराम कथा का मधुर वर्णन किया जा रहा है।
कथा के छठवें दिन कथा वाचिक ने कहा कि श्री राम कथा एक राष्ट्रीय मार्ग की भांति हमें हमारी मंजिल तक पहुंचाने का मार्ग प्रदर्शित करता है। कथा उस सहजता और सरलता तक पहुंचाने की कुंजी है राम कथा बिन सुलभ में हुई रामचरित मानस हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। सदा मार्ग पर चलकर ही हम अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीरामचंद्र जी के चरित्र को अंत:करण में धारण करने से प्राणी मात्र का उद्धार होता है। राम है वहां काम नहीं और जहां काम है वहां राम नहीं हो सकता है। आज लोगों को भगवान श्री रामचंद्र जी के चरित्र को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। कथा सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए और कथा में भक्ति में डूबते हुए झूम उठे।
भोलेनाथ की निकली भव्य बारात
संध्या काल में चल रही श्रीमद रामचरित मानस कथा के दौरान भगवन शिव की भव्य बारात निकली गई। जो बम्हौरी कलां के मंदिरों से शुरू हुई। जिसमें भगवान शिव के स्वरूप को मनमोहक सजाकर बग्गी पर सवार किया गया। जिसमें सैकड़ों लोग भूत प्रेत के भेष बनाकर बारात में शामिल हुए। बारात डीजे ढोल नगाड़ों के साथ गांव के प्रमुख मंदिरों से होते हुए कार्यक्रम स्थल हरियार सिंह बाबा मंदिर प्रांगण पहुंची। जहां रास्ते भर बाराती भोलेनाथ की बारात में जमकर नाचे। इसके पश्चात रीति रिवाजों के साथ भगवान शिव और पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ।

रिपोर्ट- रामकुमार कुशवाहा मदनपुर / मड़ावरा #Samachar Tak #LaharLive24News



