Uttar Pradesh; गड्ढामुक्त दावों की पोल खोलती जर्जर सड़क
मऊ में पांच वर्षों से बदहाल मार्ग, ग्रामीणों में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी

जनपद मऊ।
प्रदेश सरकार भले ही सड़कों को गड्ढामुक्त होने का दावा कर रही हो, किंतु मऊ गड्ढा मुक्त सड़क मामला जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहा है। मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में मऊ–आजमगढ़ मुख्य मार्ग से जुड़े कई गांवों की सड़क वर्षों से जर्जर पड़ी है।
गालिबपुर होते हुए सरया, बंदीघाट और अलाउद्दीनपुर समेत कई ग्राम सभाओं को जोड़ने वाली यह सड़क बीते करीब पांच वर्षों से खस्ताहाल बनी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि मंडी समिति द्वारा लगभग आठ वर्ष पूर्व सड़क का निर्माण कराया गया था। प्रारंभिक वर्षों में स्थिति ठीक रही, किंतु समय के साथ सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और अब तक मरम्मत नहीं कराई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत होने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। कुछ समय पूर्व गिट्टी डलवाने के बाद पाइपलाइन कार्य के कारण निर्माण रोक दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई।
ग्रामीणों के अनुसार धूल, गड्ढों और खुदाई के कारण आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। राहगीरों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
रिपोर्ट – अजीत पटेल
जिला ब्यूरो – जनपद मऊ
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