
कटिहार (बिहार)
कटिहार रेलवे स्टेशन पर रविवार की रात मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। मुंबई एलटीटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होती देख रेलवे की महिला सुरक्षा टीम ने बिना देर किए साहस और समझदारी का परिचय दिया और ट्रेन के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराकर मां और नवजात बच्ची की जान बचा ली।
कटिहार रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची, ड्यूटी पर तैनात महिला उप निरीक्षक मुक्ति शील को महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। महिला दर्द से कराह रही थी और उसकी हालत लगातार खराब होती जा रही थी। इसके बाद मुक्ति शील ने तुरंत महिला कांस्टेबल के. एम. विमलेश को बुलाया और रेलवे डॉक्टर को भी सूचना दी।
हालांकि प्रसव पीड़ा इतनी तेज थी कि डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही स्थिति बेहद गंभीर हो गई। ऐसे में दोनों महिला कर्मियों ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई। उन्होंने पूरी सतर्कता और सूझबूझ के साथ ट्रेन में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
कटिहार स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने महिला सुरक्षा टीम के इस साहसिक कदम की जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते महिला कर्मियों ने तत्परता नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। महिला सुरक्षा टीम की संवेदनशीलता और बहादुरी ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारी और मानवीय सोच को सामने ला दिया।
इसके बाद रेलवे डॉक्टर मौके पर पहुंचे और जच्चा व बच्चा दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह सुरक्षित बताया। पूछताछ में महिला की पहचान सकीरा खातून (23) के रूप में हुई। वह कटिहार जिले के कड़वा थाना क्षेत्र के कचोड़ा सलमपुर गांव की रहने वाली हैं और अपने परिवार के साथ मुंबई से घर लौट रही थीं।
रेलवे प्रशासन ने मां और नवजात बच्ची को बेहतर इलाज और देखभाल के लिए तुरंत सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं महिला सुरक्षा टीम के इस मानवीय कार्य की चर्चा पूरे रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में होती रही। लोगों ने महिला कर्मियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को प्रेरणादायक बताया।
कटिहार रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों में त्वरित फैसला और मानवीय संवेदना किसी की जिंदगी बचा सकती है। महिला सुरक्षा टीम की बहादुरी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
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