
कटिहार (बिहार)
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की कोशिश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आदिवासी कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर तथा झारखंड और उत्तर प्रदेश के प्रभारी डॉ. विपिन कुमार सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी सांसद को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
डॉ. विपिन कुमार सिंह ने कहा कि सांसद की गरिमा बनाए रखना सत्तापक्ष की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को खराब करती हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कुछ लोग लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश की राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि गलत परंपराएं आगे चलकर सभी के लिए नुकसानदायक साबित होती हैं। राजनीति में विरोध होना चाहिए, लेकिन विरोध की भी एक सीमा और गरिमा होती है।
डॉ. सिंह ने राज्य प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के “भय आउट, भरोसा इन” नारे पर भी सवाल उठाए और कहा कि अब लोगों की नजर सरकार की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
निर्दोषों की सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की गरिमा
डॉ. विपिन कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर जनप्रतिनिधि की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर सांसद और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता का भरोसा भी कमजोर होगा। इसी वजह से प्रशासन को ऐसे मामलों में तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संघर्ष लोकतांत्रिक दायरे में होना चाहिए। वहीं, हिंसा और हमले जैसी घटनाएं लोकतंत्र को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि देश में स्वस्थ राजनीति और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट – प्रीतम चक्रवर्ती
पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी
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