UP; गरीबों के राशन पर डाका का आरोप, परसौली कोटेदार को बर्खास्त करने की मांग
सैकड़ों ग्रामीणों और जदयू नेताओं ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, जांच की उठाई मांग

बांदा (उत्तर प्रदेश)
बांदा जनपद की ग्राम पंचायत परसौली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित दर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने लगाया राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप
जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई पात्र राशन कार्डधारकों से अंगूठा लगवाकर रिकॉर्ड में राशन वितरण दिखा दिया गया, जबकि उन्हें वास्तविक रूप से खाद्यान्न नहीं मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि आज भी कई परिवार अपने हक के राशन से वंचित हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबित राशन वितरण की उठी मांग
ज्ञापन में बताया गया कि परसौली की उचित दर दुकान को ग्राम पंचायत तराया से संबद्ध कर दिया गया है। इसके बावजूद जिन लाभार्थियों को पहले राशन नहीं मिला था, उन्हें अब तक लंबित खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी पात्र लाभार्थियों को उनका बकाया राशन जल्द उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अभिलेखों की जांच कराने की मांग
ज्ञापन में ई-पॉस मशीन, स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और खाद्यान्न उठान से जुड़े अभिलेखों की जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा फर्जी वितरण और खाद्यान्न हेराफेरी के आरोपों की भी जांच कराने की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों और जदयू नेताओं ने कहा कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट – समाचार तक
बांदा (उत्तर प्रदेश)
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