जिला मुख्य चिकित्सालय में घूम रहे आवारा पशु, वीडियो शोसल मीडिया पर तेजी से वायरल,
जिला मुख्य चिकित्सालय में घूम रहे आवारा पशु, वीडियो शोसल मीडिया पर तेजी से वायरल,

ललितपुर
जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर अस्पताल में तमाम आवारा और पालतू जानवर विचरण करते रहते हैं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन अस्पताल प्रशासन अस्पताल में जानवरों की रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों व तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। जहां पर एक ओर परिसर आवारा जानवरों का आश्रय स्थल बन गया है तो कई स्थानों पर दो पहिया वाहनों का पार्किंग स्थल बन गया है। इसके अलावा जलभराव की भी समस्या है तो मुख्य गेटों पर अवैध पार्किंग से आपातकालीन वाहन व निकलने में परेशानी हो रही है।
जनपदवासियों के सस्ते उपचार के लिए शासन जिले मुख्यालय की अस्पतालों को तमाम सौगातें दे रहा है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को नजरअंदाज कर रहा है। इससे अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर केवल ढर्रा चल रहा है। ऐसा ही नजारा जिला अस्पताल में शनिवार को देखने को मिला। जहां पर जिला अस्पताल के मुख्य गेट से अंदर वार्डों में जाने वाले रास्ते में आवारा जानवर घूमते नजर आए। इसके साथ ही अस्पताल के ही कर्मचारी अपने वाहनों को अस्पताल परिसर में आड़े तिरछे खड़े कर देते हैं, जिससे अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। इसके अलावा पुरुष वार्ड जाने के लिए लोगों को गली में भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। पानी में निकलने में कई मरीजों केे डर लगता कि वह पानी में फिसल कर न गिर जाए। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में बने प्रसाधन केंद्रों में भी गंदगी व्याप्त है। इसके कारण कई तीमारदार मजबूर होकर बाहर जाने को मजबूर हैं। बीते लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय से जिला अस्पताल में लगी लिफ्ट बंद पड़ी है। इससे ऊपर जाने वाले मरीजों केे ले जाने में परेशानी हो रही है। खराब लिफ्ट अस्पताल के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों के लिए पार्किंग स्थल बन गया है। ऐसी ही स्थिति जिला महिला अस्पताल की बनी हुई है। यहां पर प्रसव कक्ष/एएनसी वेटिंग कक्ष है। जहां पर महिलाओं की तीमारदार महिला को ही अंदर जाने की अनुमति है। पुरुषों का प्रवेश वर्जित होता है। लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। इसके कारण महिला अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों को कुत्तों से दूर होकर गुजरना पड़ा। इसके साथ ही कुछ मरीजों को आवारा जानवरों के काटने का भय बना रहा। जिस ओर किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की नजर नहीं गई है। जिससे अस्पताल के कर्मचारियों के कार्यों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रिपोर्ट- आर के पटेल
ललितपुर
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