मोटरसाइकिल की टक्कर से गाय की हुई दर्दनाक मौत, उपचार के दौरान मोटरसाइकिल चालाक की जिला चिकित्सालय में मौत, घंटो पहले दी राहगीरों की सूचना के बाद भी समय से नही पहुँचे पशु डॉक्टर हो गयी गौवंश की मौत
मड़ावरा में तैनात पशु चिकित्सक दिनभर रहते अस्पताल से नदारद, पशुपालक जानवरो के इलाज के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर,

मड़ावरा / ललितपुर
जिले के थाना मड़ावरा अंतर्गत रोहणी बांध तिराहे पर बीते 24 सितम्बर की देर शाम मदनपुर-ललितपुर मार्ग पर कस्बा मड़ावरा से बम्होरी कलां की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही मोटरसाइकिल की टक्कर से रोहणी बांध तिराहे पर सड़क किनारे खड़े गाय की तड़फ-तड़फकर मौत हो गई। जबकि मोटरसाइकिल सवार गम्भीररूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति को राहगीरों की मदद से आपातकालीन एम्बुलेंस 108 से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मड़ावरा लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद हालात गम्भीर होने पर जिला अस्पताल रैफर कर दिया। वही घायल अशोक की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के थाना गिरार अन्तर्गत ग्राम गोरा कछया निवासी अशोक पुत्र राजधर कुशवाहा उम्र करीब 35 वर्ष अपनी मोटरसाइकिल से देर शाम कस्बा मड़ावरा से बम्होरी कलां की तरफ जा रहा था तभी उसकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर रोहणी बांध तिराहे पर सड़क किनारे खड़ी गाय से टकरा गई टक्कर इतनी भयंकर थी कि गाय की घटना स्थल पर ही तड़फ-तड़फकर मौत हो गई। जबकि राहगीरों ने आपातकालीन सेवा 108 एम्बुलेंस पर कॉल कर घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मड़ावरा लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद हालात गम्भीर बनी रहे पर जिला चिकित्सालय रैफर दिया। जहां पर उपचार के दौरान घायल अशोक की जिला चिकित्सालय में मौत हो गई।
राहगीरों की सूचना पर समय से नही पहुँचे पशु डॉक्टर
मोटरसाइकिल की टक्कर से गम्भीररूप से घायल हुई गाय के उपचार हेतु राहगीरों ने पशु चिकित्सको को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी पर पशु चिकित्सक बार-बार कॉल करने के बाद घटना स्थल पर नही पहुचे जिससे इलाज के अभाव में गाय में घटना स्थल पर ही दम तोड़ दी। कस्बा मड़ावरा एवं आसपास के क्षेत्रों में आये दिन वाहनों की टक्कर से पशु घायल रहे,जिसकी लोगो द्वारा पशु डॉक्टर एस. एन. तिवारी कर्मचारी निरपत एवं एक अन्य कर्कचारी को दी जाती डॉक्टर एस. एन. तिवारी एवं उनके गौ सेवक पुत्र द्वारा हमेशा घायल पशुओं का इलाज किया जाता है जबकि निरपत एवं एक अन्य कर्मचारी घायल पशुओं का इलाज तो दूर की बात है उनके पास जाने से कतराते है।
मड़ावरा क्षेत्र के ग्रामीणों की माने तो सरकार द्वारा पशुओं बीमारियों को बचाने के लिए चलाई जाने बाली योजनाओं को पलीता लगाकर , अस्पताल में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी गाव गाँव जाकर लोगो से सरकारी दवाइयों के नाम पर पैसे की अबैध उगाही करते है, जबकि सरकार द्वारा बो दवाइयां सरकारी पशु चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क दी जानी चाहिए,
मड़ावरा में तैनात कर्मचारी दिनभर रहते अस्पताल से नदारद
ग्रामीणों बताया कि कस्बा मड़ावरा के पशुओं अस्पताल में तैनात कर्मचारी कभी भी अस्पताल में मौजूद नही मिलते है,उनको फोन करने पर वह गॉव का नाम पूछकर दूसरे गॉव में होने की कहकर गुमराह करते है जबकि वह कस्बा मड़ावरा में कार्यालय छोड़कर इधर-उधर बैठे रहते है,जब भी जनपद स्तरीय अधिकारियों के आने की सूचना लगते ही वह कार्यालय के आसपास घूमने लगते है। अधिकारियों के सामने कार्यालय में होने के चलते वह कार्यवाही से बच जाते है और जैसे ही अधिकारी कस्बा मड़ावरा छोड़ देते वह पुनः अपने पुराने सिस्टम में आ जाते है।
पशुपालक जानवरो के इलाज के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर
कस्बा मड़ावरा के पशु अस्पताल में तैनात डॉक्टर एवं कर्मचारियों अस्पताल में नही मिलने पर पशुपालकों को अपने पशुओं का इलाज कराने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। क्योकि डॉक्टर के समय से नही मिलने पर पशुओं का समय से इलाज कराने को वह इधर-उधर भटकने को मजबूर है तो कभी इन्ही को सुबिधा शुल्क देकर बीमार पशुओं का इलाज़ कराना पड़ता है,

रिपोर्ट- आर के पटेल
मड़ावरा / ललितपुर
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