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प्राथमिक विद्यालय बंद करने और दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर आजाद समाज पार्टी का विरोध प्रदर्शन

राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, CBI जांच और निर्णय वापसी की मांग

ललितपुर।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के फैसले और हाल ही में हुई दलित उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को ज़ोरदार प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा और सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आज़ाद के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन में तीन प्रमुख मांगों को लेकर आवाज उठाई गई।


विद्यालय बंद करना संविधान का उल्लंघन: आजाद समाज पार्टी

ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश सरकार द्वारा 27,965 प्राथमिक विद्यालयों को बंद करना संविधान के अनुच्छेद 21-ए (शिक्षा का अधिकार) और अनुच्छेद 46 (वंचित वर्गों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा) का स्पष्ट उल्लंघन है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह निर्णय गरीब, दलित और वंचित समाज के बच्चों को शिक्षा से दूर करने वाला कदम है, जिसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।


दलित उत्पीड़न की घटनाओं की CBI जांच की मांग

ज्ञापन में कौशाम्बी और प्रयागराज जनपदों में हुई दलित उत्पीड़न की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्हें बेहद शर्मनाक बताया गया।

  • कौशाम्बी के लोंहदा गांव में बच्ची से दुष्कर्म

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  • प्रयागराज के इसौटा गांव में दलित युवक को जिंदा जलाने की घटना

इन दोनों मामलों की CBI से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए पार्टी ने कहा कि यह घटनाएं मानवाधिकारों का गंभीर हनन हैं और सरकार की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती हैं।


29 जून की पुलिस कार्रवाई पर भी जताई नाराजगी

ज्ञापन में बताया गया कि 29 जून को प्रयागराज के करछना क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज और पथराव की कार्रवाई में दलित युवक सुनील कुमार गौतम की मौत हो गई, साथ ही कई निर्दोष युवकों को गिरफ्तार किया गया। पार्टी ने इस घटना की भी CBI जांच और गिरफ्तार निर्दोष युवकों की तत्काल रिहाई की मांग की।


राज्य सरकार से सामाजिक सुरक्षा की अपील

ज्ञापन के अंत में पार्टी ने राज्य सरकार से दलितों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिक्षा और न्याय के अधिकार की गारंटी देने की मांग की। पार्टी ने चेताया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।


प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग:

मोतीलाल गौतम, कुंवरलाल गौतम, कमलेश अहिरवार, दीपक कुमार, ब्रजेश कुमार, यादवेन्द्र प्रताप सिंह यादव, सुरेश, विजय, नीरज चौधरी, रामकुमार जाटव, जगजीवन अम्बेडकर, मोनू जाटव, हेमराज, बृजकिशोर, रामदास, हरसिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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