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सीएचसी निचलौल का औचक निरीक्षण: अव्यवस्था देख भड़के सीएमओ, कई कर्मचारियों का वेतन रोका

सीएचसी निचलौल का औचक निरीक्षण: अव्यवस्था देख भड़के सीएमओ, कई कर्मचारियों का वेतन रोका

महराजगंज

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने सोमवार अपराह्न लगभग 1:20 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचलौल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं का अंबार देखकर सीएमओ भड़क उठे और तत्काल कार्रवाई करते हुए कई कर्मचारियों का वेतन बाधित कर दिया।

निरीक्षण के समय आपातकालीन सेवाएं तो संचालित थीं, लेकिन स्टाफ की लापरवाही उजागर हो गई। आपातकालीन कक्ष में 22 मरीज देखे गए, 13 सिजेरियन प्रसव पूरे हुए और 8 लैब जांचें की गईं। इस बीच, अस्पताल में तीन सिजेरियन मरीज भर्ती पाए गए। इसके बावजूद एमओआईसी डॉ. उमेश चंद, स्टाफ नर्स आनंद यादव और गीता देवी अनुपस्थित मिले, जिनका एक दिन का वेतन बाधित करने का आदेश सीएमओ ने जारी किया।

एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) में गंदगी और खाली बेड देखकर सीएमओ ने नाराजगी जताई और एमओआईसी से स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं अस्पताल की साफ–सफाई व्यवस्था दयनीय मिलने पर सफाईकर्मी रामाज्ञा प्रसाद का एक माह का वेतन रोकते हुए उसे चेतावनी पत्र जारी किया गया।

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वार्ड में दवाइयां जमीन पर रखी मिलीं, जिस पर फार्मासिस्ट सिराजुल को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया। साथ ही लैब व एक्स-रे तकनीशियनों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाने का आदेश दिया गया।

निरीक्षण करते सीएमओ

सीएमओ ने सख्त हिदायत दी कि यदि कोई चिकित्सक मरीजों की पैथोलॉजी जांच या एक्स-रे बाहर से कराता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही अस्पताल में संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक और सभी कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

✍️ ब्यूरो चीफ: धनंजय पटेल, महराजगंज — समाचार तक

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