WEBSTORY
BREAKINGLIVE TVआयोजनउत्तर प्रदेशगुजरातछत्तीसगढ़ताज़ा ख़बरदेशपत्रकारितापर्यावरणप्रदर्शनप्रसासनब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशमहाराष्ट्रराजनीतिराज्यशिक्षासामाजिक

समरसता की लहर लेकर आया सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच, वर्ण-भेद एवम वर्ग-भेद  के कट्टरविरोधी थे सरदार पटेल: रमेश बैस (राज्यपाल महाराष्ट्र)

पूर्व की सरकारो ने नही दिया सरदार पटेल को सम्मान-पंकज चौधरी (केंद्रीय राज्य मंत्री) कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संख्या बल के आधार पर मिले पटेल समाज को प्रतिनिधित्व,

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश राजधानी मुख्यालय स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच द्वारा रविवार 4 फरबरी को राष्ट्रीय बुद्धिजीवी सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के उद्घाटन के समय महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा की यह मंच सन् 2018 से सामाजिक समरसता बनाने में सतत प्रत्यनशील है एवं सरदार पटेल की विचारधारा को आधार बनाकर कार्य कर रहा है। मंच विभिन्न माध्यमों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे अखण्ड भारत के निर्माता लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का मत था कि एकता के बिना जनशक्ति एक ताकत नहीं है। वे वर्ण-भेद एवम वर्ग-भेद के कट्टरविरोधी थे तथा अन्याय नहीं सहन कर पाते थे। आज भी उनके आदर्शों  पर चलते हुए एकजुट होकर प्रयास करें तो सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक  विकास शीघ्र संभव है।
कार्यक्रम में पधारे भारत सरकार के राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सर्व समाज के नेता थे, किन्तु उनको पहले वह सम्मान नहीं मिला जिसके वह हकदार थे। वह सम्मान वर्तमान सरकार ने उन्हें दिलाया।
आशीष पटेल, प्रावाधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश को सुदृढ़ एवं विकसित बनाने में सामाजिक समरसता आवश्यक है और मंच द्वारा पटेल समाज को दिशा देने के लिए मंच की सराहना की।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अरुण कुमार सिन्हा, पूर्व आईएएस सेवानिवृत्त एवं संस्थापक संरक्षक बौद्धिक विचार मंच ने मुख्य अतिथि एवं कार्यकम में आये अतिर्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अगले चरण में मंच बौद्धिक एप लांच कर रहा है। साथ ही गांव-गांव चेतना रैली आयोजित कर सामाजिक समरसता का संदेश हर गांव में पहुँचाया जायेगा।  महामंत्री जगदीश शरण गंगवार मंच के मुख्य उद्देश्यों के बारे में बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश में पटेल समाज की जनसंख्या 12 प्रतिशत से अधिक है, अतः संख्या बल के आधार पर विभिन्न संस्थाओं एवं आयोगों में प्रतिनिधित्व हेतु ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से समाज का आज तक कोई राज्यपाल नहीं बनाया गया, अतः बनाया जाये। केन्द्र में उत्तर प्रदेश से कैबिनेट मंत्री बनाया जाये एवं विधायको की संख्या के आधार पर मंत्री, सदस्य राज्यसभा, सदस्य विधान परिषद बनें। विभिन्न चयन आयोगों, भर्ती संस्थाओं एवं वैधानिक संस्थाओं में भी समाज को प्रतिनिधित्व मिले। डा.क्षेत्रपाल गंगवार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंच समाज में जागरूकता फैलाने एवं उसके उत्थान के लिए तत्पर है एवं निरंतर कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, सभासद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ पूर्व आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, पीसीएस, चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यवसायी, शिक्षाविद, प्रगतिशील किसानों सहित लगभग दो हजार बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महामंत्री उमेश कुमार, उपाध्यक्ष वीआर वर्मा,रविंद्र सिंह गंगवार, कोषाध्यक्ष आर एल निरंजन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन योगेंद्र सचान व डॉ अनूप सचान ने किया।

20260817-152325
20260817-152100
20260817-150957
20260817-145919
20260817-150655
20260817-144912
20260817-150247
20260817-145243
20260817-145547
20260817-144111
20260817-144650
20260817-144342
20260817-142629
20260817-143218
20260817-143842
20260817-121458
20260817-141549
20260817-141242
20260817-142848
20260817-115207
20260817-140453
20260817-140141
20260817-121037
20260817-122738
20260817-110430
20260817-141802
20260817-140843
20260817-120546
20260817-104010
20260817-105540
20260817-121852
20260817-111554
20260816-172557
20260817-105043
20260817-105328
20260817-104652
20260817-120141
20260823-124318

रिपोर्ट- आर के पटेल
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
#SamacharTak

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!
google.com, pub-9022178271654900, DIRECT, f08c47fec0942fa0